Thursday, July 4, 2019

Lyrics pehli baar



पहली बार है जी
पहली बार है जी
इस कदर किसी की धुन सवार है जी
जिसकी आस में हुई सुबह से दोपहर
शाम को उसी का इंतज़ार है जी

होश है ज़रा
ज़रा-ज़रा खुमार है जी

छेड़ के गया
वो ऐसे दिल के तार है जी

पहली बार है जी, पहली बार है जी
इस कदर किसी की धुन सवार है जी
जिसकी आस में हुई सुबह से दोपहर
शाम को उसी का इंतज़ार है जी

हड़बड़ी में हर घड़ी है
धड़कने हुई बावरी
सारा दिन उससे ढूँढते रहे
नैनो की लगी नौकरी
दिख गयी तो है उसी में
आज की कमाई मेरी
मुस्कुरा भी दे तो मुझे लगे
जीत ली कोई lottery

दिल की हरकतें
मेरी समझ के पार है जी
हे, इश्क है इसे
या मौसमी बुखार है जी

पहली बार है जी, पहली बार है जी

सारी सारी रात जागूं


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